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पं.कंठे महाराज की पुण्यतिथि पर कजली प्रस्तुत करतीं दिव्या दूबे व अन्य कलाकार

02-08-2025 11:53:08 AM

 

नाद में और लय के स्थापित बनारस घराने के कालजयी तबला वादक

पंडित कंठे महाराज की 46 वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को नागरी प्रचारिणी सभा और संगीत सभा के समवेत तत्वावधान में विश्वेश्वरगंज स्थित सभा-परिसर में भजन-संध्या का आयोजन किया गया। इसमें युवा संगीतकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से न सिर्फ कंठे महाराज को स्वरांजलि प्रस्तुत की वरन अपने गुरुओं की शिक्षाओं का मान रखा। युवा गायक भागीरथ जालान ने अपने गुरु पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र द्वारा संगीतबद्ध गोस्वामी तुलसीदास की रचित विनय पत्रिका और रामचरितमानस के पद सुनाकर श्रोताओं को द्रवीभूत कर दिया। कुछ लोकप्रिय पद भी सुनाए. तबले पर ललित कुमार और संवादिनी पर श्री हर्षित उपाध्याय थे। दिव्या दूबे ने भजन-प्रस्तुत किए, कजली से सावनी अहसास कराया। पद्मभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र के शिष्य विशाल सागर मिश्र के गायन से भजन संध्या का समापन हुआ। तबले पर सिद्धांत मिश्र तथा बांसुरी पर सुधीर कुमार गौतम ने संगत की।

सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने सबका स्वागत करते हुएकहा कि सभा ने शब्द और संगीत के बीच सेतु की तरह कार्य करने का संकल्प लिया है। 1893 में इस संस्था की स्थापना हुई थी, साठ वर्ष पूरे होने पर वर्ष 1953 में आयोजित हीरक जयंती समारोह में पं. कंठे महाराज का स्वतंत्र तबला वादन और विदुषी सितारा देवी का कथक प्रदर्शन यहां हुआ था। कबीरचौरा और रामापुरा की संगीत-साधना से सभा में चल रही साहित्य-साधना का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। बनारस में साहित्य और संगीत एक-दूसरे के अनिवार्य पड़ोस हैं। यह आयोजन इसी धारणा को सत्यापित करता है। पंडित कंठे महाराज के पौत्र ख्यात तबला वादक पं. पूरन महाराज ने अतिथियों और संगीत सभा के कार्यकर्ताओं का उत्तरीय और पुष्पहार से अभिनंदन किया। प्रो. वीरेंद्रनाथ मिश्र, डा. अभिजीत दीक्षित, किशन जालान, मीना मिश्रा, संगीता सिन्हा, ममता टंडन, अवधेश कुमार सिंह, देवनारायण मिश्र, उदयशंकर मिश्र आदि संगीत-रसिक उपस्थित थे। संचालन सौरभचक्रवर्ती ने किया।


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